March 5, 2009

ये कैसा सेंसर

मैं जिन ब्लॉग्स को फॉलो करता हूं, उनमें से एक है सदी के महानायक का...सदी के महानायक यानी अमिताभ बच्चन...अमिताभ इसमें हर रोज़ कुछ न कुछ लिखते हैं और ब्लॉग पोस्ट किए जाने के समय को देखकर कभी कभी अचरज होता है कि आखिर इस उम्र में इतनी एनर्जी उन्हें कहां से और कैसे मिलती है...एक पोस्ट में देखा था...रात तीन बजे के आसपास का समय था...उनके ब्लॉग से ही मेरे इस पोस्ट का शीर्षक निकला है...दरअसल अमिताभ जो भी पोस्ट लिखते हैं, उस पर तमाम कमेंट आते हैं...उनके एक फैन ने कनाडा के वैंकूवर से अपना एक कमेंट दिया...बिग बी की खूब तारीफ करते इस पोस्ट में उसने लिखा कि फिल्म शोले उसे इतनी पसंद है कि जितनी बार भी देखे, मन नहीं भरता...कमेंट लंबा था और इंटरेस्टिंग भी...मैं पढ़ता गया...वैंकूवर वाले अमिताभ के इस फैन ने लिखा है कि शोले देखने का मन हुआ तो वो वॉलमार्ट के स्टोर गया...खोजा तो इस फिल्म की डीवीडी उसे मिल गई और अब जब मन चाहे, वो इस फिल्म को देख सकता है...
लेकिन इसके नीचे उसने जो लिखा है, वो भारत में फिल्मों को सेंसर करने के लिए बैठे लोगों के कान खड़े करने के लिए काफी है...उसने लिखा है कि इस डीवीडी में उसने देखा कि शोले में ठाकुर कैसे अंत में गब्बर सिंह को मार देता है और वीरू से लिपटकर फूट फूटकर रोता है....इस डीवीडी में ये भी है कि ठाकुर के जूतों में सत्येन कप्पू यानी ठाकुर का नौकर कीलें लगा रहा है...मैंने बचपन में शोले देखी थी और आज भी जब मौका मिलता है, देखता हूं...लेकिन ये सीन्स तो कभी नहीं देखे...मुझे याद नहीं पड़ता कि किसी और ने भी शोले में ऐसे किसी सीन की बात मुझसे की हो...सुना ज़रूर है कि फिल्म में ठाकुर के जूते तले लगे कीलों से गब्बर की मौत का सीन था, लेकिन सेंसर ने इसे पास नहीं किया...तो फिर वॉलमार्ट में मिल रही डीवीडी में ये सीन कैसे है...क्या अनसेंसर्ड शोले चुपचाप विदेश पहुंच गई ? लगता तो ऐसा ही है...हालांकि अमिताभ के उस फैन ने अपने कमेंट में ये नहीं लिखा है कि फिल्म की शुरुआत में सेंसर बोर्ड का सर्टिफिकेट दिख रहा है या नहीं...लेकिन इससे ये आशंका ज़रूर बढ़ती है कि जिन सीन्स पर सेंसर की कैंची चलती है, वो चोरी-चोरी, चुपके-चुपके विदेशों में पहुंच रही है...इस आशंका की वजह ये भी है कि जिन सीन्स को सेंसर हटाता है, उनका नेगेटिव नष्ट कराने का कोई नियम नहीं है...यानी प्रोड्यूसर के पास ये फुटेज रहते हैं...साफ है सेंसर सिर्फ भारत की सीमा तक ही है, सीमा पार कुछ भी दिखाया जा सकता है और शायद दिखाया जा भी रहा है...

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