पिछले कुछ दिनों से टीवी चैनलों में पाकिस्तान की खबर छाई हुई थी...नवाज़ शरीफ का लॉन्ग मार्च कहां तक पहुंचा, इसकी पल पल की जानकारी पाकिस्तानी टीवी चैनलों के ज़रिए दिखाई जा रही थी...सोमवार को चैनलों ने खबर चलानी शुरू की कि नवाज़ के लॉन्ग मार्च से पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी डर गए हैं...नवाज़ जीत गए हैं और पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस पद पर इफ्तिक़ार मोहम्मद चौधरी को फिर बिठाया जाएगा...जस्टिस चौधरी वही हैं, जिन्हें पाकिस्तान में आपातकाल लागू करते वक्त तब के राष्ट्रपति और सेना प्रमुख रहे जनरल परवेज मुशर्रफ ने बर्खास्त कर दिया था...
चैनल इस खबर को ताने हुए थे, लेकिन खबर की तह तक वो नहीं पहुंचे...ज़रदारी की हार और नवाज़ की जीत के हेडर स्क्रीन के ऊपर दनादन चल रहे थे, लेकिन खबर को इन चैनलों के लोग पकड़ नहीं सके...खबर ये थी कि जस्टिस चौधरी और अन्य बर्खास्त जजों को 22 मार्च से बहाल किया जाएगा...इससे पहले 21 मार्च को मौजूदा चीफ जस्टिस अब्दुल हमीद डोगर रिटायर होंगे...खबर ये थी कि ज़रदारी ने नवाज़ से शिकस्त नहीं खाई...उन्होंने अब तक परवेज मुशर्रफ के खास माने जाने वाले जस्टिस डोगर को कार्यकाल पूरा करने दिया...दरअसल बेनज़ीर भुट्टो जब पाकिस्तान लौटी थीं तो खबर ये थी कि मुशर्रफ और उनके बीच डील हुई है...इस डील की खबर में ये भी था कि मुशर्रफ और उनके अधीन सेना पीपीपी को जीतने का पूरा मौका देगी, लेकिन पीपीपी कभी भी मुशर्रफ के लिए गए फैसलों पर सवाल नहीं उठाएगी...पहले बेनज़ीर लौटीं, फिर आसिफ अली ज़रदारी आए और बेनज़ीर की हत्या के बाद पीपीपी की कमान पिछले दरवाजे से थाम ली...
शायद न्यूज़ चैनलों को ये पुरानी खबर याद नहीं थी, सो ज़रदारी के झुकने और नवाज़ के जीतने की खबर तन कर चल रही थी...यानी तह तक कोई नहीं था, सतह पर इस खबर से बैटिंग की जा रही थी...कौन किसे पछाड़ सकता है, उस पर सब जुटे हुए थे...पाकिस्तानी पत्रकारों का फोनो चल रहा था और बलिहारी इन पाकिस्तानी पत्रकारों की भी कि उनकी भी नज़र सतह पर ही थी...ज़रदारी ने किस तरह मान ली नवाज़ की मांग, ये किसी की समझ में नहीं आ रहा था...सतह पर बैटिंग और एक दूसरे को पटकनी देने का सिलसिला दोपहर बाद तक जारी रहा, लेकिन असल खबर खो चुकी थी और इसे खोजने की ज़हमत किसी ने नहीं उठाई...
Subscribe to:
Post Comments (Atom)

No comments:
Post a Comment