"Even if he (Dawood Ibrahim) is handed over, relations (between India and Pakistan) will not improve. I challenge." Former Pakistan President Pervez Musharraf stated this when asked whether Pakistan could hand over Dawood as a confidence building measure. When suggested that it may be given a try, the retired general said "if we fail, you will hand him over back to us." Musharraf, while interacting at a conclave, earlier claimed that he did not "know at all if he (Dawood) is in Pakistan".
देख रहे हैं आप...कैसे पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति या यूं कहें जबरन राष्ट्रपति बने रहकर अपना उल्लू सीधा करने वाले मुशर्रफ कैसे मान गए कि मोस्ट वांटेड इंटरनेशनल टेररिस्ट दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में है...मुशर्रफ दरअसल भारतीय मीडिया के सवालों के जाल में घिर गए थे...अब घिरने वाला आदमी जब भी बोलता है तो सोच नहीं पाता कि क्या बोल रहा है...ऊपर मुशर्रफ का जो बयान दिया गया है, वो उन्होंने दिल्ली में दिया है...उनके इस बयान से साफ है कि पाकिस्तान और उसकी खुफिया एजेंसी आई.एस.आई. दाऊद को पाल पोस रही है...गौर कीजिए, क्या कहा मुशर्रफ ने...When suggested that it may be given a try, the retired general said "if we fail, you will hand him over back to us."
देखिए, ऊपर अंग्रेज़ी में जो लिखा है...गौर कीजिए इस पर....लेकिन सवाल ये है कि दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के लोगों ने क्या इस पर गौर किया है...वो अमेरिका, जिसे दाऊद की तलाश है....भारत को भी ये मोस्ट वांटेड आतंकी चाहिए...दाऊद के बारे में भारतीय खुफिया एजेंसियों ने कई बार पाकिस्तान को सबूत दिए हैं...बताया गया है कि वो अपने भाइयों और गुर्गों के साथ कराची के क्लिफटन इलाके के एक शानदार बंगले में रहता है...लेकिन पाकिस्तान की किसी भी सरकार ने इसे नहीं माना....दाऊद पर 1993 में मुंबई में धमाकों के ज़रिए दो सौ से ज़्यादा लोगों की जान लेने का आरोप है...लेकिन अपने यहां उसका वजूद होने से ही पाकिस्तान इनकार करता रहा है...कहता है, क्लिफटन के जिस बंगले का नंबर दिया गया, वहां कोई और रहता है...लेकिन अब मुशर्रफ ने गलती से ही सही, मान लिया है कि दाऊद इब्राहिम उनके देश की मेहमाननवाज़ी का लुत्फ उठा रहा है...मुशर्रफ साहब, आप पाकिस्तानी सेना के सबसे बड़े ओहदे पर रहे हैं और अब जब गलती से ही सही हकीकत आप उगल चुके हैं तो अपने डिप्टी रहे जनरल अशफाक परवेज कियानी साहब से कहिए कि वो दाऊद को सीमा के इस पार भिजवा दें...अदालत का सामना उसे करने दें....आप दावा कर रहे हैं कि दाऊद को सौंपने के बाद भी भारत और पाकिस्ता के बीच रिश्ते नहीं सुधरेंगे...लेकिन आपका ये दावा उसी तरह कहीं नहीं ठहरता, जैसा दाऊद को लेकर अब तक के आपके दावे नहीं टिके हैं...

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